पटना | बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात से सहम गई है। शुक्रवार देर रात गांधी मैदान थाना क्षेत्र में जाने-माने उद्योगपति गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात उनके अपार्टमेंट के बाहर उस वक्त हुई, जब वे रोज की तरह पटना क्लब से लौट रहे थे।
गाड़ी से उतरते ही सिर पर मारी गोली
यह घटना शुक्रवार रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच घटी। जानकारी के मुताबिक, खेमका जैसे ही होटल पनाश के पास स्थित अपने अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचे, पहले से घात लगाए हमलावरों ने उन्हें बेहद करीब से सिर पर गोली मार दी। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े।
परिजन तुरंत उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस निर्मम हत्या ने न सिर्फ पटना के व्यापारिक जगत को हिला कर रख दिया है, बल्कि एक बार फिर बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप
हत्या के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा गया। मृतक के छोटे भाई संतोष खेमका ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस डेढ़ घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार, पटना सिटी एसपी (मध्य) दीक्षा ने करीब दो घंटे बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मौके से कई गोलियों के खोखे बरामद हुए हैं जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित किया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने के आरोप भी लग रहे हैं।
सीसीटीवी खंगाले जा रहे, सभी पहलुओं से जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि हत्या काफी नजदीक से की गई और यह स्पष्ट रूप से सुनियोजित थी। आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि “जांच हर एंगल से की जा रही है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
परिवार पहले भी झेल चुका है ऐसा सदमा
यह पहली बार नहीं है जब खेमका परिवार को ऐसे हमले का सामना करना पड़ा हो। 20 दिसंबर 2018 को गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी वैशाली जिले के इंडस्ट्रियल एरिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मामला भी व्यवसायिक विवाद से जुड़ा बताया गया था, लेकिन आज तक सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ सकी।
परिवार का फूटा गुस्सा: “अब कोई सुरक्षित नहीं”
खेमका परिवार ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है, “अगर इतने बड़े कारोबारी की हत्या उसके घर के बाहर हो सकती है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?” “अपराधी अब बिना किसी डर के वारदात को अंजाम दे रहे हैं। बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है।”
अब पूरे राज्य की निगाहें इस केस की जांच पर
यह मामला अब राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर एक कड़ी परीक्षा बन गया है। हाई-प्रोफाइल होने के चलते इस पर सियासी हलकों में भी हलचल है। देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से इस मामले में कार्रवाई करती है और दोषियों को कब तक गिरफ्त में लाया जाता है।