Summer express,इंफाल। मणिपुर में उग्रवादी गतिविधियों और अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों और पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राज्य के विभिन्न जिलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कई सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान और संदिग्ध नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 4 जून को टेंग्रौपाल जिले के मोरेह क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर वैली-बेस्ड उग्रवादी संगठनों से जुड़े दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निंगथौजम थौरंगबा उर्फ डिंगकू उर्फ गोरो और मोमोचा सिंह उर्फ पाइखोम्बा के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके बाद 5 जून को काकचिंग जिले के हियांगलाम थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक अन्य कार्रवाई के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़े सक्रिय सदस्य हुइड्रोम बॉयबॉय सिंह को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी हथियारों की तस्करी, उग्रवादी प्रचार सामग्री फैलाने और विभिन्न क्षेत्रों में संगठन के बैनर, झंडे व पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल था।
उसी दिन इंफाल पश्चिम जिले में एक अलग अभियान के दौरान केसीपी (एमएफएल) संगठन से जुड़े थांगजाम दिया सिंह उर्फ मनीमातुम को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्री बरामद की है, जिनकी जांच की जा रही है।
उग्रवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ पुलिस ने प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी है। 4 जून की शाम को टेंग्रौपाल जिले के पायनियर स्कूल क्षेत्र के पास एक वाहन से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद बरामद किए गए। इस मामले में मो. अजमल खान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं, जिरीबाम जिले में स्थापित एसएमपीयू नाका चेक पोस्ट पर सुरक्षा बलों ने एक ट्रक की तलाशी के दौरान करीब 46.370 किलोग्राम संदिग्ध WY टैबलेट बरामद की। बरामद खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में ट्रक चालक पंकज कुमार राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में उग्रवादी नेटवर्क, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे होने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न जिलों में निगरानी और तलाशी अभियान चला रही हैं।