बठिंडा | जिला मजिस्ट्रेट शौकत अहमद परे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कार्रवाई करते हुए बठिंडा जिले में सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सख्त आदेश जारी किए हैं। अब जिले में ट्रैक्टर स्टंट, हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन और प्रीगाबालिन 75 एमजी कैप्सूल व टैबलेट की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह कदम सिविल सर्जन की सिफारिशों के बाद उठाया गया है।
प्रीगाबालिन की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रीगाबालिन 75 एमजी कैप्सूल का दुरुपयोग आम लोगों द्वारा नशे के रूप में किया जा रहा है। इसके चलते जिला मजिस्ट्रेट ने इसकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब कोई भी थोक या खुदरा विक्रेता, मेडिकल स्टोर, अस्पताल की फार्मेसी बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची के यह दवा नहीं बेच सकेंगे।
साथ ही, दवा की बिक्री के समय:
- पर्ची पर मेडिकल स्टोर की मुहर और दवा वितरण की तारीख अंकित करना अनिवार्य होगा।
- प्रीगाबालिन की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा।
- यह भी सुनिश्चित करना होगा कि एक ही पर्ची पर किसी अन्य विक्रेता द्वारा पहले दवा वितरित न की गई हो।
- पर्ची पर दर्ज अवधि से अधिक गोलियां/कैप्सूल नहीं दिए जा सकेंगे।
ट्रैक्टर स्टंट और खतरनाक प्रदर्शन पर रोक
जिले की सीमाओं में ट्रैक्टरों और अन्य भारी वाहनों से स्टंट या खतरनाक प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये आदेश सार्वजनिक सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
हथियारों के प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर प्रचार पर सख्ती
एक अन्य आदेश में जिला प्रशासन ने जिले की सीमाओं में हथियारों के प्रदर्शन, जुलूसों, समारोहों, या धार्मिक आयोजनों में हथियार लेकर जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
निम्न गतिविधियां अब पूरी तरह वर्जित रहेंगी:
- सोशल मीडिया पर हथियारों की तस्वीरें या वीडियो पोस्ट करना
- हथियारों की प्रशंसा में कोई भी टेक्स्ट या गाना शेयर करना
- किसी समारोह या नाटक में हथियारों के प्रचार से जुड़ी प्रस्तुति देना
यह आदेश सुरक्षा बलों, पुलिस, होमगार्ड और वैध लाइसेंसधारी सुरक्षा गार्डों पर लागू नहीं होगा, बशर्ते वे ड्यूटी पर हों। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 31 अगस्त 2025 तक प्रभावी रहेगा।