Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रविवार को करनाल के असंध में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्र और हरियाणा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने NEET पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याएं, अवैध कॉलोनियों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मामलों को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुड्डा ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य लगातार संकट में डाला जा रहा है। उनका आरोप था कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं, जिससे लाखों छात्रों का भरोसा व्यवस्था से कमजोर हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।
सीबीएसई चेयरमैन की कृषि मंत्रालय में नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताएं सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है और किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकार गलत संदेश दे रही है।
कुरुक्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार विपक्ष और किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी वर्गों को अपनी बात रखने का समान अधिकार मिलना चाहिए और विरोध-प्रदर्शन को लेकर दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
महंगाई के मुद्दे पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
अवैध कॉलोनियों के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
इनेलो विधायक और एक अधिकारी के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि कानून के मामलों में सरकार का रवैया निष्पक्ष दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों और प्रशासनिक तंत्र दोनों की गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि युवा, किसान और आम नागरिक आज अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं और सरकार को जवाबदेही के साथ इन मुद्दों का समाधान करना चाहिए।