शिमला- : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन स्थगन संबंधी अधिसूचना अब केवल मुख्यमंत्री पर लागू रहेगी, जबकि अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए इसे वापस लेने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थगित वेतन की राशि अगले महीने पूर्ण वेतन के साथ जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की व्यावहारिक नीतियों, वित्तीय अनुशासन और निरंतर सुधारात्मक प्रयासों के कारण हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्ववर्ती शासन की कई त्रुटिपूर्ण नीतियों में सुधार किया है तथा भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे राज्य की वित्तीय व्यवस्था अधिक मजबूत हुई है।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सभी पात्र पेंशनभोगियों के लंबित पेंशन एरियर का भुगतान अगले महीने सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन राज्य सरकार उपलब्ध करवाएगी और वरिष्ठ नागरिकों को उनके बकाया भुगतान के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।सरकारी कर्मचारियों के लंबित एरियर तथा महंगाई भत्ते (डीए) के मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी वर्ग राज्य प्रशासन की आधारशिला है और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओपीएस लागू किए जाने के बाद केंद्र सरकार द्वारा राज्य को मिलने वाली लगभग 1,200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी गई। उनके अनुसार यदि यह राशि जारी रहती तो कर्मचारियों के लंबित एरियर के भुगतान की प्रक्रिया और तेज हो सकती थी। इसके बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है और चरणबद्ध तरीके से वित्तीय दायित्वों को पूरा करने का प्रयास कर रही है।बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, विशेष सचिव सौरभ जस्सल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।