Summer express/शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को सचिवालय में वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और एचआरटीसी पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की।बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति,कर्मचारियों के लंबित मामलों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने दावा किया कि सरकार के वित्तीय सुधारों का असर अब दिखाई देने लगा है और आने वाले समय में कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा आम जनता को इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने एचआरटीसी पेंशनर्स की लंबे समय से चली आ रही पेंशन संबंधी समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है। उन्होंने कहा कि अब सभी एचआरटीसी पेंशनर्स को हर महीने की 7 से 10 तारीख के बीच नियमित रूप से पेंशन मिल जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार हर महीने एचआरटीसी को 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। पेंशन पर कुल 23 करोड़ रुपये का मासिक व्यय आता है, जबकि शेष राशि निगम अपने संसाधनों से जुटाएगा।सुक्खू ने कहा कि पूर्व में पेंशनर्स को कई-कई महीनों तक पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं रहेगी। इसके अलावा पेंशनर्स और कर्मचारियों के लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए भी सरकार ने 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लागू किए गए ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के फैसलों का सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद किए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के जरिए हालात को नियंत्रित रखा है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में लिए गए कुछ फैसलों से कर्मचारियों को अस्थायी परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब सरकार स्थिति को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, मंत्रियों और विधायकों के वेतन को अस्थायी रूप से स्थगित करने संबंधी अधिसूचना वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि अगले महीने से इन सभी को नियमित वेतन मिलेगा और लंबित एरियर का भुगतान भी किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री के वेतन पर लागू नहीं होगा।सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों तथा 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान जुलाई माह में कर दिया जाएगा।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब प्रदेश की वित्तीय स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। सरकार लगातार आर्थिक सुधारों के लिए कदम उठा रही है और इसी का परिणाम है कि अब वित्तीय हालात में सुधार दिखाई देने लगा है। उन्होंने दावा किया कि यदि केंद्र सरकार ने आरडीजी बंद नहीं की होती तो हिमाचल 2026 तक आत्मनिर्भरता की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ता।
एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जो सिलेंडर करीब 450 रुपये में उपलब्ध था, उसकी कीमत आज एक हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
वहीं भाजपा सांसद हर्ष महाजन के उस बयान पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने प्रदेश में और इस्तीफों की संभावना जताई थी। सुक्खू ने कहा कि यह कोई गंभीर राजनीतिक मुद्दा नहीं है और ऐसी टिप्पणियों को ज्यादा महत्व देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी “नशेड़ी” की बयानबाजी को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
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