Summer express, गुरुग्राम। सोहना के रायसीना स्थित अरावली पहाड़ी क्षेत्र में अवैध निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं। प्रतिबंध और निगरानी के दावों के बावजूद पहाड़ी क्षेत्र में कई स्थानों पर निर्माण कार्य खुलेआम चल रहे हैं। स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जिम्मेदार विभागों की मौजूदगी के बावजूद पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन कैसे जारी है।
अरावली क्षेत्र में गैर-वानिकी गतिविधियों और निर्माण कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी नगर परिषद, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर योजनाकार विभाग सहित कई एजेंसियों पर है। इसके बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध निर्माण और भूमि उपयोग में बदलाव के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि या तो संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे हैं या फिर नियमों की अनदेखी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों में अरावली क्षेत्र के दस से अधिक स्थानों पर निर्माण गतिविधियां देखी गई हैं। आरोप है कि पहाड़ियों की खुदाई कर निकाले गए पत्थरों का उपयोग चारदीवारी और अन्य निर्माण कार्यों में किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर तैनात लोगों द्वारा बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और विरोध या शिकायत की स्थिति में दबाव बनाने की कोशिश भी की जाती है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अधिकांश मामलों में संबंधित विभाग केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर देते हैं, जबकि जमीन पर ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती। यही कारण है कि अवैध निर्माण करने वालों में कार्रवाई का कोई भय नजर नहीं आता।
अरावली क्षेत्र में करीब 420 ऐसे फार्म हाउस चिन्हित किए जा चुके हैं, जिन पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। इनमें कई प्रभावशाली और चर्चित लोगों की संपत्तियां भी शामिल बताई जाती हैं। इन फार्म हाउसों में आधुनिक सुविधाओं और विलासितापूर्ण संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद कार्रवाई की गति बेहद धीमी रही है। कई बार नोटिस जारी होने के बाद भी मामले आगे नहीं बढ़ पाए।
सोहना नगर परिषद के भवन निरीक्षक मनोज सिवाच का कहना है कि अवैध निर्माण से जुड़े मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग के रेंज अधिकारी खजान सिंह ने कहा कि यदि हरे पेड़ों की कटाई या वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की शिकायत मिलती है तो विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।
उधर, सोहना नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता विक्की कुमार ने दावा किया कि परिषद की भूमि पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और अवैध निर्माण के मामलों में नोटिस जारी करने के साथ-साथ आवश्यक होने पर निर्माणों को ध्वस्त भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हालिया शिकायतों की जानकारी जुटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अरावली क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे निर्माण कार्यों ने पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग नोटिसों से आगे बढ़कर वास्तविक कार्रवाई कब करते हैं।