Summer express, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए 33 प्रशिक्षित पटवारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। पंजाब भवन में आयोजित समारोह के दौरान राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित होकर कार्य करने का संदेश दिया।
18 माह का अनिवार्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इन उम्मीदवारों को नियमित नियुक्ति दी गई है। अब उन्हें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जिससे राजस्व विभाग की कार्यक्षमता और सेवा वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नव-नियुक्त पटवारियों से ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि पटवारी ग्रामीण प्रशासन और आम जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। भूमि रिकॉर्ड, जमाबंदी, इंतकाल और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए नागरिक सबसे पहले पटवारी से संपर्क करते हैं। ऐसे में उनकी भूमिका न केवल प्रशासनिक बल्कि जनविश्वास से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में भर्ती किए गए राजस्व पटवारियों को एक वर्ष का संस्थागत प्रशिक्षण और छह माह का फील्ड प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भूमि अभिलेखों के रखरखाव, पैमाइश, राजस्व रिकॉर्ड तैयार करने, चुनावी कार्यों, कृषि संबंधी प्रक्रियाओं और डिजिटल राजस्व सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही इंटीग्रेटेड लैंड मैनेजमेंट सिस्टम (ILMS) के तहत ई-जमाबंदी, इंतकाल, रोजनामचा और अन्य ऑनलाइन राजस्व सेवाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि वे आधुनिक तकनीक के अनुरूप लोगों को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में आयोजित विभागीय परीक्षा के दो चरणों में कुल 512 उम्मीदवार सफल हुए थे। इनमें से 464 उम्मीदवार पहले ही नियमित सेवाएं दे रहे हैं, जबकि शेष सफल उम्मीदवारों में से 33 को सोमवार को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने कहा कि प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष पटवारियों की नियुक्ति से प्रदेश में डिजिटल राजस्व सुधारों को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे ई-जमाबंदी और ई-रजिस्ट्री जैसी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाया जा सकेगा।