Summer express, अंबाला I काशापुर गांव में शाम पारिवारिक विवाद के दौरान हुई हिंसक झड़प ने एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली। प्रेम विवाह के पांच वर्ष बाद भी संतान न होने को लेकर कथित रूप से प्रताड़ित की जा रही विवाहिता के मामले में समझौता कराने पहुंचे मायके पक्ष पर हमला कर दिया गया। इस दौरान यमुनानगर के सुल्तानपुर गांव निवासी 75 वर्षीय बिमला देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई।
घटना में विवाहिता के ताया धर्मबीर, चचेरे भाई हिमांशु और ताई कोमल रानी भी घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
मुलाना थाना पुलिस ने मृतका के पोते विनायक उर्फ सौरभ की शिकायत पर दामाद कुलबीर सिंह, रणजीत सिंह और राजू के खिलाफ हत्या, मारपीट, आपराधिक धमकी और सामूहिक अपराध सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए बयान में विनायक ने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी बहन खुशी, दादी बिमला देवी तथा अन्य परिजनों के साथ काशापुर गांव पहुंचा था। दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, तभी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि इसके बाद कुलबीर सिंह, उसके चाचा राजू और रणजीत सिंह ने हमला कर दिया।
परिजनों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर बिमला देवी बीच-बचाव करने पहुंचीं। इसी दौरान उन्हें जोरदार धक्का दिया गया और आरोपी के हाथ में पहने भारी कड़े से उनकी बाईं आंख के नीचे वार किया गया। गंभीर चोट लगने से वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ीं।
घायल अवस्था में उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुलाना ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एमएमयू अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।