Mandi, 7 July
प्राकृतिक आपदा के चलते बीते छह दिनों से जंजैहली में फंसे 63 पर्यटकों को रविवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। करसोग से शंकरदेहरा होते हुए सड़क मार्ग बहाल होते ही प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। ये सभी पर्यटक देश के विभिन्न हिस्सों से हिमाचल प्रदेश की सुरम्य सराज घाटी की सैर पर आए थे।
आपदा के चलते पर्यटकों को स्थानीय होटलों में शरण लेनी पड़ी। इस दौरान पुलिस, प्रशासन और विशेष रूप से स्थानीय लोगों ने जिस सहयोग और संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने पर्यटकों को गहरे तक प्रभावित किया।
पर्यटकों ने बताया कि संकट की घड़ी में प्रशासनिक टीमों ने त्वरित संपर्क स्थापित किया और सैटेलाइट फोन के माध्यम से उनके परिजनों से बातचीत भी करवाई। उन्होंने पहाड़ों के कठिन जीवन, स्थानीय लोगों की सेवा भावना और पारस्परिक सहयोग को नजदीक से अनुभव किया।
पर्यटकों ने कहा:हम यहां हिमालय की सुंदरता देखने आए थे, लेकिन यहां के लोगों की इंसानियत और हौसले ने हमें एक अलग ही भारत से परिचित कराया। यह अनुभव हमारे जीवन का अविस्मरणीय हिस्सा बन गया है।”
एडीसी मंडी गुरसिमर सिंह ने जानकारी दी कि बगस्याड़ से थुनाग और लंबाथाच तक, तथा करसोग से शंकरदेहरा होते हुए जंजैहली तक सड़क मार्ग बहाल कर दिया गया है। इन्हीं मार्गों से पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने यह भी बताया कि जंजैहली में राहत सामग्री भेजने का कार्य तेजी से जारी है, जिसमें हेलिकॉप्टर की सहायता भी ली जा रही है।