Summer express,सुंदर कुंडू ,पलवल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पलवल जिले में धान की सीधी बुआई (डीएसआर) को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है। विभाग द्वारा किसानों को इस आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार धान की सीधी बुआई करने वाले किसानों को भौतिक सत्यापन के बाद 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके अलावा 2500 रुपये प्रति एकड़ लेबर चार्ज के रूप में भी दिए जाएंगे। इस प्रकार किसानों को कुल 7000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पलवल जिले को इस वर्ष डीएसआर के तहत 10 हजार एकड़ क्षेत्र का लक्ष्य मिला है। अब तक जिले के करीब साढ़े नौ हजार किसानों ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा लिया है। विभाग को उम्मीद है कि इस बार जिले में लगभग 12 हजार एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बुआई की जाएगी, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक होगी।
अतुल कुमार शर्मा ने कहा कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती करने पर पानी की बचत होती है, उत्पादन में वृद्धि होती है और किसानों की लागत भी कम होती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस तकनीक को अपनाएं और सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाएं।
उन्होंने किसानों से “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराने का आग्रह किया ताकि पात्र किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
वहीं, राखौता गांव के किसान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पांच एकड़ भूमि में डीएसआर विधि से धान की बुआई की है और योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल किसानों के हित में है और अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।