अंकुर कपूर ,अंबाला। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर NEET परीक्षा में पेपर लीक के मामलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी कड़ी में अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और सरकार इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल रही है।
सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बार-बार लीक होने से लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो शिक्षा मंत्री अपनी जिम्मेदारी कब स्वीकार करेंगे। उन्होंने मांग की कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए शिक्षा मंत्री को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की आवाज को लगातार उठाती रहेगी और इस मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह बनाएगी।
भाजपा द्वारा आपातकाल (इमरजेंसी) के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुलाना ने कहा कि सत्तारूढ़ दल वर्तमान मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए अतीत की घटनाओं को उछाल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इमरजेंसी के बाद हुए चुनावों में कांग्रेस को दो-तिहाई बहुमत मिला था, जबकि भाजपा को सीमित सीटों पर संतोष करना पड़ा था। उनके अनुसार भाजपा अपने अधूरे वादों और जनहित से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भी कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने और विकास के कई बड़े वादे किए थे, लेकिन आम जनता को उनके परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। मुलाना ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है और युवाओं, किसानों तथा आम नागरिकों से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल उत्सव और कार्यक्रमों के आयोजन पर।