Summer express/मंडी, धर्मवीर -: केंद्र सरकार ने युवाओं को उद्यमशिलता की तरफ बढ़ने के लिए जो अभियान चलाया है उसमें अब आइआइटी मंडी भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाने जा रहा है। आइआइटी मंडी ने तय किया है कि यहां जितने भी बच्चे दाखिला लेंगे उनमें से 10 प्रतिशत को उद्यमिता की तरफ ले जाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इन्हें उद्यमी बनने के लिए हर कदम पर आइआइटी द्वारा स्पोर्ट किया जा रहा है ताकि यह भविष्य में रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बन सकें।
आइआइटी मंडी के डायरेक्टर प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि आइआइटी ने यंग इनोवेटर फैलोशिप की शुरूआत की है जिसके तहत यंग इनोवेटर को हर महीने 15 हजार की फैलोशिप दी जा रही है। इन्हें एक बिजनेस और फैकल्टि मेंटर भी दिया जा रहा है। फाउंडेशन ऑफ डिजाइन प्रेक्टिकम के तहत पहले वर्ष युवाओं को कबाड़ से प्रॉडक्ट बनाना सिखाया जाता है जबकि दूसरे वर्ष प्रेक्टिकम से जुड़े विषयों की समस्याओं से अवगत करवाया जाता है। तीसरे वर्ष सोसायटी से जुड़ी समस्या पर काम करवाया जाता है और चौथे वर्ष प्रोजेक्ट तैयार करवाया जाता है। प्रोफेसर बेहरा ने बताया कि आइआइटी मंडी इनोवेशन की तरफ लगातार आगे बढ़ रहा है। जबसे केंद्र सरकार ने एनआईआरएफ रैंकिंग शुरू की है तभी से ही आइआइटी मंडी हमेशा टॉप 10 में रहा है।