Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल I करनाल पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और एक कार बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी हरियाणा और पंजाब में दो बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।
सीआईए-1 के प्रभारी संदीप कुमार ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि 29 जून को पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि कुछ बदमाश भारी मात्रा में हथियारों के साथ कुटेल बाइपास क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई की और पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, इस दौरान परमीत नामक एक आरोपी फरार होने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन निवासी कलानौर, जतिन निवासी कलानौर, राहुल निवासी खरखौदा, नवदीप निवासी मेहलापुर और कपिल निवासी मेहलापुर के रूप में की है। वहीं, हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में आकाश नामक व्यक्ति को भी खरखौदा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से बरामद 8 अवैध पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस इस बात का संकेत देते हैं कि वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। बरामद कार को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी पवन वर्ष 2013 में कलानौर में नगर पार्षद (एमसी) रह चुका है और बाद में प्रधान पद पर भी रहा। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2017 में अवतार कालिया के साथ हुए विवाद और हमले के बाद से वह रंजिश रखे हुए था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अवतार कालिया की हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पंजाब में चंदू फिरोजपुरिया नामक व्यक्ति की हत्या की योजना भी बना रहे थे। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर दोनों संभावित वारदातों को टाल दिया गया।
प्राथमिक जांच में आरोपियों के तार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मनीष और अमर नामक अपराधियों के माध्यम से आरोपियों का संपर्क इस गिरोह से हुआ था। इनमें से मनीष एक डबल मर्डर केस में दोषी है, जबकि अमर पैरोल पर आने के बाद से फरार चल रहा है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई चेन और अन्य संभावित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।