नई दिल्ली। भारतीय सेना में मंगलवार को नेतृत्व परिवर्तन के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के पद से सेवानिवृत्ति ली। पद छोड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद उन्होंने औपचारिक सैन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और सेना की कमान अपने उत्तराधिकारी जनरल धीरज सेठ को सौंपी। केंद्र सरकार ने पहले ही लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला सेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा कर दी थी। मंगलवार दोपहर उन्होंने औपचारिक रूप से भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पदभार संभाल लिया।
इससे पहले वह सेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के रूप में कार्यरत थे। जनरल धीरज सेठ आर्मर्ड कोर से आने वाले ऐसे पहले सेना प्रमुख हैं जिन्होंने लगभग तीन दशक बाद इस कोर का प्रतिनिधित्व करते हुए सेना की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वर्ष 1997 में जनरल शंकर रॉय चौधरी आर्मर्ड कोर से सेना प्रमुख बने थे।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के पूर्व छात्र रहे जनरल सेठ को करीब चार दशक की सैन्य सेवा का अनुभव है। उन्होंने पश्चिमी सीमा, दक्षिण-पश्चिमी कमान, दक्षिणी कमान, दिल्ली एरिया तथा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां निभाई हैं। सेना के आधुनिकीकरण, क्षमता विकास और भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर भी उनका विशेष योगदान माना जाता है।