लक्की मेहता | लुधियाना
पंजाब मंडी बोर्ड फील्ड इम्प्लाइज यूनियन की जिला इकाई की बैठक मंगलवार को गिल मंडी (पानी वाली टैंकी) में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया।
इस अवसर पर यूनियन नेताओं ने पंजाब मंडी बोर्ड प्रबंधन से कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई। बैठक में यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरमीत सिंह (कोट ईसे खां, मोगा), सरपरस्त खुशवंत सिंह बाजवा (लुधियाना) और सहायक जनरल सचिव सुविंदर सिंह भट्टी (फरीदकोट) विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से शिंगारा सिंह को जिला चेयरमैन, दिलप्रीत सिंह को जिला प्रधान, प्रिंस कुमार बॉबी को वरिष्ठ प्रधान, जगतार सिंह को उपाध्यक्ष, गुरिंदर सिंह को महासचिव, गुरदीप सिंह को कोषाध्यक्ष, दिनेश भगत को प्रेस सचिव, लखबीर सिंह को प्रचार सचिव, परमजीत सिंह को सलाहकार तथा सरजीत सिंह और बिंदर सिंह को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। बैठक में यूनियन ने मांग की कि विंग साइड, डीएमयू कार्यालयों, मार्केट कमेटियों, सिविल विंग, जन स्वास्थ्य विंग और बिजली विंग में कार्यरत कच्चे कर्मियों को नियमित किया जाए।
सभी कर्मचारियों को ईएसआई एवं ईपीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा सरकार द्वारा घोषित 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि तुरंत जारी की जाए। इसके अलावा वर्ष 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, वर्ष 2011 से रिवर्ट किए गए 24 इलेक्ट्रिशियनों को बहाल करने, सुपरवाइजर श्रेणी के रिक्त पदों पर हेल्परों को पदोन्नत करने, कर्मचारियों का लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने तथा मंडियों में ठेकेदारों के अधीन कार्यरत कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने की भी मांग की गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यदि समय रहते इनका समाधान नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने को मजबूर होगी।
हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब मंडी बोर्ड प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाएगा। बैठक में संजीत भगत, दया राम, अर्जुन कुमार, रणजीत सिंह (लुधियाना), भूपिंदर सिंह, सुशील कुमार, जगतार सिंह, हरदीप सिंह, कमलजीत सिंह, राम सजीवन, गुरिंदर सिंह, बिंदर सिंह, चरणजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।