Summer express, अंबाला | अंबाला के धनौरा गांव में खुले बोरवेल में गिरे चार वर्षीय मासूम को बचाने के लिए चला करीब 19 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार दुखद अंत के साथ समाप्त हो गया। बोरवेल से बाहर निकालने के तुरंत बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह हादसा मंगलवार सुबह हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं।
बचाव अभियान के दौरान टीमों को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगभग 60 फीट गहरे और संकरे बोरवेल में लगातार पानी भर रहा था। बच्चा ऐसी स्थिति में फंसा था जहां पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था और वह नीचे की ओर खिसकता जा रहा था।
लगातार बारिश और ढीली मिट्टी ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक जटिल बना दिया। कई बार जमीन धंसने जैसी स्थिति बनने पर टीमों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी और अभियान को दोबारा शुरू करना पड़ा।
NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट अनिल कुमार ने बताया कि बच्चा पानी से भरे बोरवेल में फंसा हुआ था और लगातार नीचे सरक रहा था। उन्होंने कहा कि खराब परिस्थितियों और तकनीकी बाधाओं के चलते ऑपरेशन को कई बार नए सिरे से संचालित करना पड़ा, जिसकी वजह से बचाव अभियान करीब 18 से 19 घंटे तक चला। उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम चरण में बच्चे में जीवन के कोई संकेत नहीं मिले।
करीब 19 घंटे की लगातार खुदाई और प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम बच्चे को बाहर निकालने में सफल रही। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से उसे सिटी हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत होने की पुष्टि कर दी।
सिटी हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ऋषिपाल ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही बच्चे की मेडिकल जांच और ECG किया गया, जिसके बाद उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर धनौरा गांव स्थित उस खुले और खतरनाक बोरवेल को स्थायी रूप से सील कर दिया है।