Summer express, सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक खेत में मवेशियों के लिए मक्के का चारा काटने वाली मशीन पर काम कर रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब ट्रॉली में चारा भरते दौरान उनका संपर्क खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तारों से हो गया। इस घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई, जबकि परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मृतकों की पहचान रोड़ी गांव निवासी 19 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 19 वर्षीय दलजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों आपस में गहरे दोस्त थे और साथ मिलकर खेती-किसानी से जुड़े काम करते थे। बताया जा रहा है कि गांव संगर और बुर्जकर्मगढ़ के बीच स्थित एक खेत में मक्के का चारा काटने का कार्य चल रहा था। खेत मालिक हिमांशु मेहता ने यह काम ठेकेदार जसमीत सिंह को दिया हुआ था। ठेकेदार के बुलावे पर ही दोनों युवक आधुनिक साइलेज मशीन लेकर खेत में पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से खेत में चारा काटने और ट्रॉली में भरने का काम चल रहा था। खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन काफी नीचे लटक रही थी, लेकिन बिजली सप्लाई बंद नहीं करवाई गई थी। शाम करीब साढ़े सात बजे देवेंद्र और दलजीत ट्रैक्टर-ट्रॉली पर खड़े होकर चारा भर रहे थे। इसी दौरान उनका शरीर अचानक हाईटेंशन तारों से छू गया और दोनों जोरदार करंट की चपेट में आ गए।
बताया जा रहा है कि पहले देवेंद्र करंट लगने से तड़पने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दलजीत भी तारों की चपेट में आ गया और दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच टीम ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।
ग्रामीणों के अनुसार देवेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता गुरदर्शन सिंह किसान हैं और देवेंद्र ने हाल ही में चारा काटने की नई साइलेज मशीन खरीदी थी। वहीं दलजीत अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और दो बहनों का अकेला भाई था। दोनों परिवारों पर इस हादसे के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी समय से नीचे लटक रही थी और इसकी शिकायत पहले भी विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि खेत मालिक और ठेकेदार ने उन्हें यह कहकर काम जारी रखने को कहा कि बिजली सप्लाई बंद करवा दी गई है, जबकि लाइन में करंट चालू था।
परिवार ने मांग की है कि इस मामले में बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों, खेत मालिक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।