Summer express/मंडी, धर्मवीर-: चंडीगढ़-मनाली निर्माणाधीन फोरलेन पर मंडी और पंडोह के बीच स्थित नौ मील के संवेदनशील क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अहम कदम उठाया है। यहां 39 करोड़ रुपये की लागत से 160 मीटर लंबी थ्री-लेयर सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य भूस्खलन की आशंका को कम करना, हाईवे को सुरक्षित बनाना और यातायात को सुचारु रखना है।
वर्तमान में इस स्थान पर राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई करीब पांच से छह मीटर है, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान जोखिम बना रहता है। सुरक्षा दीवार बनने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़कर लगभग नौ से दस मीटर हो जाएगी। इससे वाहनों का आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि थ्री-लेयर सुरक्षा दीवार पहाड़ी को मजबूती प्रदान करेगी और ढीली चट्टानों तथा मलबे को सड़क तक पहुंचने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना तत्काल राहत देने के साथ-साथ हाईवे की सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के लिए 125 करोड़ रुपये की लागत से वायर डक्ट ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। फिलहाल इसकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद इस ब्रिज के निर्माण से नौ मील क्षेत्र में भूस्खलन और बारिश के दौरान बार-बार हाईवे बंद होने की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है। तब तक मौजूदा हाईवे को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि नौ मील क्षेत्र हर मानसून में सबसे अधिक प्रभावित स्थानों में शामिल रहता है। लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों तक बंद करना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकाला जाता है, जिससे लंबा जाम लग जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां कई बड़े भूस्खलन हो चुके हैं, जिनसे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में एनएचएआई की यह पहल इस संवेदनशील मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।