Summer express, पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में वन विभाग ने संरक्षित वन्यजीवों के शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कथित शिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति मॉनिटर लिजर्ड (गोह) की एक जीवित और तीन मृत छिपकलियां बरामद हुई हैं। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में मॉनिटर लिजर्ड का अवैध शिकार किया जा रहा है। इसके बाद विभाग की टीम ने निगरानी बढ़ा दी। इसी दौरान राजबन क्षेत्र के समीप एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर उसकी तलाशी ली गई। बाइक पर तीन लोग सवार थे, जिनके पास एक भाला जैसा धारदार हथियार और एक बोरी मौजूद थी।
जब वन विभाग की टीम ने बोरी की जांच की तो उसमें चार मॉनिटर लिजर्ड बरामद हुईं। इनमें से एक जीवित थी, जबकि तीन की मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन सभी का शिकार हाल ही में किया गया था। इसके बाद विभाग ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
घायल जीवित मॉनिटर लिजर्ड को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया। वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त निगरानी में उसका इलाज कराया जा रहा है, ताकि उसे स्वस्थ होने के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मॉनिटर लिजर्ड, जिसे स्थानीय भाषा में ‘गोह’ भी कहा जाता है, भारत में संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में शामिल है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत इस प्रजाति का शिकार, व्यापार या अवैध कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर पांच से सात वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में मॉनिटर लिजर्ड का शिकार इसके मांस के लिए किया जाता है। वहीं कुछ लोग अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों से जुड़े दावों के चलते भी इस दुर्लभ प्रजाति को निशाना बनाते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि संरक्षित वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की कोई भी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) आदित्य शर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ नियमानुसार मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।