Summer express/कुरुक्षेत्र/गुरदीप सिंह गुजराल-:दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए युवाओं के विरोध मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमित हिंदुस्तानी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि अपने अधिकारों और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ बल प्रयोग उचित नहीं है।
सुमित हिंदुस्तानी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र और युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपनी मांगों को लेकर बातचीत करना चाहते थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में युवाओं को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को युवाओं की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन किया था, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर दो दिनों तक नजरबंद रखा। हिंदुस्तानी ने कहा कि यदि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों पर इस प्रकार की कार्रवाई करेगी तो यह चिंताजनक स्थिति है।आप प्रवक्ता ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष तरीके से कार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं के साथ भी कठोर व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहिए। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की।
किसानों के दिल्ली कूच का उल्लेख करते हुए हिंदुस्तानी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को भी दिल्ली आने से रोका जा रहा है, जो उचित नहीं है। उनके अनुसार सरकार को विरोध प्रदर्शनों को दबाने के बजाय संवाद और समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए।