समर न्यूज | अमृतसर
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा चेकपोस्ट पर गुरुवार शाम सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक इनोवा वाहन में सवार पांच लोगों को हिरासत में लिया। जांच के दौरान उनके पास कथित तौर पर वैध दस्तावेज नहीं मिले।
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए लोगों में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़ा बताया जा रहा विक्रमजीत सिंह भी शामिल है। हालांकि देर शाम तक जिला पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
बताया जा रहा है कि पंजाब के रूपनगर का रहने वाला विक्रमजीत सिंह वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में वांछित था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि वह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे नेपाल में छिपा हुआ था। फिलहाल जांच एजेंसियां उसके बारे में विस्तृत जानकारी जुटा रही हैं।
हिरासत में लिए गए लोगों में अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों भी शामिल बताया जा रहा है। वह मूल रूप से पंजाब के मोगा जिले का निवासी है। आरोप है कि वह वैध वीजा के बिना नेपाल के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।
मनवीर सिंह के साथ उसकी अमेरिकी नागरिक पत्नी और बच्ची भी मौजूद थीं। दोनों के पास वैध यात्रा दस्तावेज पाए जाने के बाद आव्रजन नियमों के तहत उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वे लखनऊ के लिए रवाना हो गईं।
इनोवा में सवार दो अन्य लोग रूपईडीहा थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। उन पर मनवीर सिंह को भारत में प्रवेश कराने में सहायता करने का आरोप है। वाहन चालक को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मामले की आधिकारिक जानकारी के लिए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर पर संपर्क किया गया। फोन रिसीव करने वाले पीआरओ ने बताया कि मामले की विस्तृत जानकारी केवल एसपी ही दे पाएंगे। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है।