Summer express, लुधियाना। लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) की सेल ब्रांच में ई-ऑक्शन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खुलासे के बाद जिला प्रशासन और ट्रस्ट प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त (डीसी) हिमांशु जैन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश जारी किए हैं। वहीं, एलआईटी चेयरमैन तरसेम भिंडर ने सेल ब्रांच का पूरा रिकॉर्ड तलब कर मामले की गहन जांच शुरू करा दी है।
डीसी हिमांशु जैन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एडीसी शिखा भगत और एसडीएम जसलीन कौर की दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। दोनों अधिकारियों को ई-ऑक्शन प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, एलआईटी चेयरमैन तरसेम भिंडर ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को सेल ब्रांच का संपूर्ण रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड की जांच सेल ब्रांच के कर्मचारियों की बजाय अन्य शाखाओं के अधिकारियों की मौजूदगी में कराई जाएगी, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष रहे। इसके साथ ही पहले और बाद में हुई ई-ऑक्शन की प्रक्रिया और आंकड़ों का भी मिलान कराया जाएगा।
चेयरमैन तरसेम भिंडर ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में गंभीर अनियमितताओं की आशंका दिखाई दे रही है। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
दरअसल, मामला एसबीएस नगर में हुई ई-ऑक्शन से जुड़ा है। आरोप है कि सेल ब्रांच ने ई-नीलामी प्रक्रिया में धांधली करते हुए खरीदार आशीष छाबड़ा द्वारा लगाई गई अधिकतम बोलियों को रद्द कर दिया और प्लॉट कम अंतर वाली बोली लगाने वाले अन्य लोगों को आवंटित कर दिए। इस संबंध में उपायुक्त को शिकायत सौंपे जाने के बाद पूरे मामले की जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
अब जांच कमेटी की रिपोर्ट और रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि ई-ऑक्शन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।