Summer express/ऊना, राकेश -:प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी संपत्ति में हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए हैं। ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता में राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले अढ़ाई वर्षों में उनकी संपत्ति में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हुई।राणा ने कहा कि आपदा के समय मुख्यमंत्री ने अपनी ₹51 लाख की जमा-पूंजी दान कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके अलावा कोरोना काल में उन्होंने एक वर्ष का वेतन भी राज्य कोष में जमा कराया था। उन्होंने कहा कि उस समय मुख्यमंत्री की छवि एक दानवीर की थी, लेकिन आज उनकी संपत्ति में जिस तेजी से इजाफा हुआ है, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राणा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उत्तरी भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्रियों में शामिल हो गए हैं और यदि यही रफ्तार रही तो जल्द ही देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन सकते हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मुख्यमंत्री की संपत्ति बढ़ रही है तो दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। राणा ने कहा कि सरकार प्रदेश को देश के सबसे अधिक कर्जदार राज्यों में शामिल करने की राह पर ले जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस कथित “चमत्कारी बरकत” का राज जनता के सामने रखने की मांग की।राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री की कथित मित्र मंडली की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के पास कभी सामान्य खर्च चलाने तक के साधन नहीं थे, वे आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं।प्रेस वार्ता के दौरान राणा ने दिल्ली के द्वारका स्थित करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बने हिमाचल निकेतन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्सदाताओं के पैसे से बने इस भवन को किसी निजी कारोबारी को सौंपने की चर्चाएं चल रही हैं। इसके अलावा जोलसप्पड़ में पीजी कमरों के निर्माण और मुख्यमंत्री की घोषित संपत्ति को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।राणा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने का माहौल बना रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।