Summer express, मोनिका रावत, चंडीगढ़।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब में 454 फार्मासिस्ट (फार्मेसी ऑफिसर), ग्रुप-सी पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने 19 जुलाई 2026 को हुई लिखित परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि भर्ती की आगे की पूरी चयन प्रक्रिया इस याचिका में आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
जस्टिस संदीप मोदगिल की पीठ के समक्ष केशव कंबोज एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने याचिका में 19 जुलाई 2026 को आयोजित लिखित परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न नहीं हुई तथा यह कथित रूप से संगठित, हाई-टेक और अंतरराज्यीय नकल गिरोह के प्रभाव से दूषित हो गई। इसी आधार पर उन्होंने पूरी चयन प्रक्रिया को निरस्त करने का अनुरोध किया है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि परीक्षा के मूल्यांकन, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच, परिणाम तैयार करने और इस परीक्षा के आधार पर उठाए गए अथवा प्रस्तावित सभी आगामी कदमों को भी निरस्त किया जाए। याचिकाकर्ताओं ने अपने पक्ष में 19 जुलाई 2026 की प्रेस विज्ञप्ति तथा 20 जुलाई 2026 को दर्ज एफआईआर का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन घटनाक्रमों से परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि इससे संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता तथा सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन हुआ है।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को 10 अगस्त 2026 के लिए नोटिस जारी कर जवाब दायर करने का आदेश दिया। हाई कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्पष्ट किया कि भर्ती की आगे की चयन प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन उसका परिणाम इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 को होगी।