Summer express/मंडी, धर्मवीर-:सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडी पठानकोट नेशनल हाईवे 154 पर पधर उपमंडल के तहत आने वाली कोटरोपी की पहाड़ी 12 साल बाद फिर धंसना शुरू हो गई है। निमार्णाधीन हाईवे के तहत यहां बनाई गई नई सड़क का एक हिस्सा बीते रोज धंस गया है और बनाई गई नई पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। हांलाकि स्थानीय प्रशासन ने करीब ढेड़ दिन की कड़ी मश्क्कत के बाद इस हाईवे को सभी वाहनों के लिए खोल दिया है, लेकिन पहाड़ी धरकने का खतरा यहां अभी भी बरकार है।
बीते रोज से मौके पर डढे एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने बताया कि लैंडस्लाइड के बाद फिलहाल इस हाईवे से छोटे वाहनों को ही गुजारा जा रहा था। लेकिन अस्थायी रैंप बनाकर अब भारी वाहनों की आवाजाही भी यहां से शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ किया कि हाईवे को फिलहाल अस्थायी रूप से खोला गया है। आने वाले समय में यदि मौसम ज्यादा खराब के बाद लैंडस्लाइड नहीं रूकता है तो हाईवे को बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने भूस्खलन के खतरे को देखते हुए वाहन चालकों से हाईवे पर संभवलकर चलने की अपील की है। वहीं एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए यहां पर पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है, ताकि वाहन चालकों सहित यात्रियों को समस्या का सामना न करना पड़े।
बता दें कि साल 2014 में 12-13 अगस्त की रात को कोटरोपी ही यह पहाड़ी पूरी तरह से दरक गई थी। इस हादसे में 2 एचआरटीसी की बसों के चपेट में आने से 48 जिंदगियों को एक झटके में मौत के मुंह में सुला दिया था। कई दिनों तक यहां पर सर्च एवं रेस्कयू ऑपरेशन दिनरात चलता रहा, लेकिन तीन शव आज भी बरामद नहीं हो पाए हैं। ऐसे में इस पहाड़ी के एक बार फिर धंसने से शासन-प्रशासन की रातों की नींद उड़ गई है।