Summer express/ऊना, राकेश-: माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर की सुगम दर्शन प्रणाली में सामने आई संभावित अनियमितता को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। उपायुक्त जतिन लाल के निर्देश पर मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर दी गई है, जबकि प्रशासनिक जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर ट्रस्ट के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने बताया कि सुगम दर्शन प्रणाली की तकनीकी सुरक्षा और पारदर्शिता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को संभावित गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही उपायुक्त को अवगत कराया गया और उनके निर्देशानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज करवाई गई। साथ ही, प्रणाली में कार्यरत कर्मचारियों को बदलकर नए कर्मचारियों की तैनाती की गई तथा प्रारंभिक जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई।प्रारंभिक तकनीकी जांच में 19 जुलाई के सॉफ्टवेयर लेन-देन की समीक्षा के दौरान पाया गया कि उस दिन वास्तविक रूप से 23 लेन-देन हुए थे, जबकि सिस्टम में 88 लेन-देन प्रदर्शित हो रहे थे। प्रथम दृष्टया आशंका जताई गई है कि किसी अनधिकृत व्यक्ति ने सॉफ्टवेयर के लॉगिन आईडी और पासवर्ड का संभावित दुरुपयोग किया हो। हालांकि, ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत तकनीकी जांच और समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जाएगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2023 में शुरू की गई सुगम दर्शन प्रणाली का उद्देश्य बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुविधा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से अब तक 12 करोड़ रुपये से अधिक का सेवा शुल्क प्राप्त हुआ है, जिसका उपयोग श्रद्धालु सुविधाओं के विकास, जनकल्याण और सामाजिक सहायता कार्यों में किया जा रहा है।मंदिर ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुगम दर्शन पास के लिए लिया जाने वाला शुल्क केवल सेवा शुल्क है, इसका मंदिर में प्राप्त दान या चढ़ावे से कोई संबंध नहीं है। दान और चढ़ावे का अलग एवं पारदर्शी लेखा-जोखा रखा जाता है।भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुगम दर्शन प्रणाली की तकनीकी सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के साथ आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने और किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की गई है।