अशवनी पाहवा | लुधियाना
समर न्यूज
बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को बुलाए गए पंजाब बंद का असर औद्योगिक नगरी लुधियाना में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। वाल्मीकि समाज के लोगों ने शहर के विभिन्न इलाकों में शांतिपूर्ण तरीके से रैलियां और प्रदर्शन किए।
इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने बाजारों में पहुंचकर व्यापारियों से बंद का समर्थन करने की अपील की, जिस पर बड़ी संख्या में दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। पूरे दिन शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए, लेकिन कहीं भी
किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
सुबह से ही वाल्मीकि समाज के सदस्य विभिन्न बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को बरनाला की घटना की जानकारी देते हुए बंद में सहयोग करने की अपील की। समाज के नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी भी दुकानदार पर जबरन दुकान बंद कराने का दबाव नहीं बनाया गया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और बरनाला में हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग उठाई गई। बंद के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी।
दिनभर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही। शाम तक प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बाजारों में धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं।
पूर्व चेयरमैन डॉ. डी.पी. खोंसला ने दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शन में शामिल भाजपा पंजाब के सीनियर नेता पूर्व चेयरमैन डॉ. डी.पी. खोंसला ने कहा कि सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से प्रभावित कर्मचारियों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।