Summer express/धर्मशाला, राहुल-: भाजपा विधायक सुधीर शर्मा का 2 अगस्त को मनाया जाने वाला जन्मदिन इस वर्ष भी सादगी के साथ जनसेवा को समर्पित रहेगा। जन्मदिन के अवसर पर धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के साथ-साथ समाज में सेवा और संवेदनशीलता का संदेश देना है।
धर्मशाला ग्रामीण मंडल के रक्कड़ स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक में जन्मदिन कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। बैठक के बाद धर्मशाला ग्रामीण मंडल के कार्यकारी महामंत्री शुभम सूद ने बताया कि विधायक सुधीर शर्मा के निर्देशानुसार जन्मदिन पर किसी प्रकार के भव्य आयोजन के बजाय सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने बताया कि विधायक 15 दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण का पूरा खर्च स्वयं वहन करेंगे। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र के लगभग 250 दिव्यांग एवं गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके।पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत जन्मदिन पर आने वाले लोगों को फलदार पौधे वितरित किए जाएंगे। साथ ही पूरे विधानसभा क्षेत्र में एक ही दिन में लगभग 1500 फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
शुभम सूद ने बताया कि लगभग 150 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, युवा विधवा महिलाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा के लिए भी सहयोग दिया जाएगा, जिससे उनका भविष्य बेहतर बनाया जा सके।उन्होंने कहा कि विधायक सुधीर शर्मा लगभग 100 बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता भी भेंट करेंगे, ताकि उनमें नैतिक मूल्यों और संस्कारों का विकास हो। वहीं अनाथ और बेसहारा बच्चों की शिक्षा का वार्षिक खर्च भी विधायक की ओर से उठाया जाएगा। इसके अलावा दाड़ी स्थित वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोगी सामग्री भी भेंट की जाएगी।शुभम सूद ने स्पष्ट किया कि जिन 15 बच्चों की जिम्मेदारी विधायक उठाएंगे, वे सभी दिव्यांग बच्चे हैं, जिनके परिवार उनकी शिक्षा और भरण-पोषण का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। विधायक इन बच्चों की संपूर्ण जिम्मेदारी अपने स्तर पर निभाएंगे। उन्होंने कहा कि जन्मदिन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सहायता पहुंचाना और सेवा की भावना को मजबूत करना है।