Summer express /शिमला, संजू- :शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को केंद्रीय विद्यालय, कोटखाई में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की शुरुआत स्थानीय विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगी। उन्होंने इसे कोटखाई और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक विद्यार्थियों की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद किया तथा शिक्षा, करियर और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्होंने उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज के विकास का आधार है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन देशभर में एक समान और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है। यहां राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलता है।उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों की प्रमुख विशेषताओं में कम एवं पारदर्शी शुल्क व्यवस्था, देशभर में स्थानांतरण की सुविधा, समान पाठ्यक्रम, अखिल भारतीय स्तर पर चयनित शिक्षक तथा आधुनिक शिक्षण वातावरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स, खेल गतिविधियां, यूथ पार्लियामेंट, साइंस फेयर और कला-संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय का स्थायी भवन जल्द ही कोटखाई के समीप कुफटू फार्म में निर्मित किया जाएगा। तब तक विद्यालय का संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), कोटखाई के भवन से किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अपने कुल बजट का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च कर रही है। सरकार की प्राथमिकता दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। इसी दिशा में प्रदेश के 151 विद्यालयों में प्रथम चरण के तहत सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में शिक्षा विभाग में लगभग 15 हजार पद रिक्त थे, जिनमें से करीब 9 हजार पद भरे जा चुके हैं, जबकि लगभग 3 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कन्या छात्रावास भवन का उद्घाटन भी किया। उन्होंने बताया कि छात्रावास में 36 बेड, मैस तथा दो वार्डन कक्ष बनाए गए हैं। यह परियोजना वर्ष 2024 में रूसा योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी और इसके निर्माण से क्षेत्र की छात्राओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
महाविद्यालय में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि डीएवी देश के सबसे प्रतिष्ठित निजी शैक्षणिक नेटवर्कों में से एक है, जिसने आधुनिक शिक्षा को भारतीय संस्कृति और वैदिक मूल्यों के साथ जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि डीएवी महाविद्यालय, कोटखाई लंबे समय से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है और नए छात्रावास के निर्माण से विशेष रूप से दूरदराज की छात्राओं को लाभ मिलेगा।