Summer express/हमीरपुर, अरविंद-: हिमाचल प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश नशा निवारण बोर्ड ने सभी जिलों में औचक निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है।इस अभियान की शुरुआत हमीरपुर जिले से की गई, जहां विभिन्न नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन का विस्तृत जायजा लिया गया।
प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों में आवश्यक मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं। कुछ स्थानों पर उपचाराधीन मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी और प्रशासनिक स्तर पर खामियां सामने आई हैं। इन कमियों को तत्काल दूर करने के लिए संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी तथ्यों और व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) की आगामी बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।बैठक में न केवल निरीक्षण के निष्कर्षों पर चर्चा होगी, बल्कि नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन को अधिक जवाबदेह और सुरक्षित बनाने के लिए नए दिशा-निर्देशों पर भी विचार किया जाएगा।नरेश ठाकुर ने बताया कि जिन केंद्रों का अब तक निरीक्षण किया गया है, वहां पाई गई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को भी निगरानी बढ़ाने और केंद्रों के नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।प्रदेश के कुछ नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार के दौरान हुई अप्रिय घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बीओडी की बैठक में ठोस नीति तैयार की जाएगी। बोर्ड का प्रयास रहेगा कि सभी नशा मुक्ति केंद्र निर्धारित मानकों का पालन करें और उपचाराधीन मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।