Summer express/शिमला, संजू-: राजधानी शिमला के प्रमुख क्षेत्रीय अस्पताल दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाओं के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में अभी तक सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों को जांच के लिए आईजीएमसी या अटल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना भेजना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, रोजाना करीब 50 से 60 मरीजों को सीटी स्कैन के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
डीडीयू अस्पताल में मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स समेत कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित हैं। यहां शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सड़क हादसों में घायल मरीजों, सिर में चोट, ब्रेन स्ट्रोक, हड्डियों और रीढ़ से जुड़ी गंभीर समस्याओं में डॉक्टरों को कई बार तत्काल सीटी स्कैन की जरूरत पड़ती है। लेकिन अस्पताल में यह सुविधा न होने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को होती है जिन्हें तत्काल जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों के परिजनों को सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि समय की कमी होने पर उन्हें निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में जांच करवानी पड़ती है। निजी सेंटरों में सीटी स्कैन और एमआरआई की जांच पर मरीजों को हजारों रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
डीडीयू अस्पताल प्रशासन लंबे समय से अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने की मांग उठा रहा है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. लोकेंद्र शर्मा ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीटी स्कैन सुविधा बेहद जरूरी हो गई है। इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय पर जांच मिल सकेगी और दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी। वहीं, एमआरआई की सुविधा भी उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।