पेयजल प्रभावित होने की आशंका, गंभीर बीमारियों
का खतरा जताया
गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
समर न्यूज
गांव खेड़ी गुज्जरां के समीप बरसाती नाले में गांव बेहड़ा स्थित एएलएम मीट प्लांट की ओर से कथित तौर पर गंदा और खून मिला पानी छोड़े जाने के आरोपों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत देकर मामले की जांच तथा उचित कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम सरपंच कृष्ण लाल व ग्रामीणों के अनुसार, बरसाती नाले के नजदीक ही गांव की पेयजल टंकी और ट्यूबवेल मौजूद हैं। उनका कहना है कि नाले में जमा दूषित पानी जमीन में रिसने से भूजल प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने गांव में कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के मामले होने का दावा भी किया है।
बदबू और मच्छरों से बढ़ी परेशानी: पंचायत के मुताबिक नाले में गंदा पानी जमा रहने से आसपास दुर्गंध फैल रही है और मक्खी-मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आसपास चरने वाले पशु भी कई बार यह पानी पी लेते हैं। उनका दावा है कि पहले कुछ पशुओं की मौत भी दूषित पानी पीने के बाद हुई थी। पंचायत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नाले के पानी और गांव के पेयजल की गुणवत्ता की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
कंपनी ने आरोपों को नकारा
कंपनी के ऑपरेशन हेड अमित गौतम ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी सभी पर्यावरणीय नियमों का पालन कर रही है और परिसर में पूर्ण ट्रीटमेंट प्लांट सहित प्रदूषण नियंत्रण की आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कंपनी का निरीक्षण भी किया जाता है। कंपनी का दावा है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत पानी को ट्रीट किया जाता है और परिसर से पानी बाहर नहीं छोड़ा जाता।
बोर्ड की टीम करेगी निरीक्षण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ स्वजोत सिंह बैंस ने बताया कि शिकायत उनके संज्ञान में आ चुकी है। जल्द ही विभागीय टीम मौके पर जाकर संबंधित फैक्टरी का निरीक्षण करेगी। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।