समर न्यूज | फरीदकोट
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने रेजिडेंट डॉक्टरों को फिलहाल काम जारी रखने की अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय का कहना है कि मरीजों के इलाज और जरूरी चिकित्सा एवं आपात सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
नियुक्तियों और पदोन्नतियों की समीक्षा की प्रक्रिया चलने के बावजूद अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं सामान्य रखने को प्राथमिकता दी गई है। दरअसल, विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड ने पूर्व कुलपति डॉ. राजीव सूद के कार्यकाल में हुई बड़ी संख्या में नियुक्तियों और पदोन्नतियों की समीक्षा शुरू की है। बोर्ड ने आरोप लगाया है कि कुछ नियुक्तियां स्वीकृत पदों और बजट प्रावधान के बिना की गईं। इसके बाद 200 से अधिक नए कर्मचारियों की नियुक्तियों पर कार्रवाई की गई, जबकि करीब 25 डॉक्टरों को उनके मूल विभागों में वापस भेजने का फैसला किया गया।
{नियुक्तियों की होगी समीक्षा: विश्वविद्यालय ने प्रभावित कर्मचारियों को समीक्षा समिति के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर देने की बात कही है। रजिस्ट्रार के अनुसार, प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी, ताकि योग्य कर्मचारियों के साथ अन्याय न हो। कुछ नियुक्ति पत्र पूर्व कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जारी किए जाने की बात भी सामने आई है। पूर्व कुलपति डॉ. राजीव सूद ने नियुक्तियों में अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि संबंधित पदों को प्रबंधन बोर्ड की मंजूरी प्राप्त थी और नियुक्ति पत्र निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किए गए। वहीं, विश्वविद्यालय के मौजूदा प्रबंधन ने कहा है कि सभी नियुक्तियों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।