Summer express, मोनिका रावत , चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एचएस लक्की ने वर्तमान नगर निगम हाउस को तुरंत भंग करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासक से केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श कर नगर निगम अधिनियम में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नए चुनाव सुधार लागू होने के बाद ही करवाए जाने चाहिए।
एचएस लक्की ने नगर निगम में दलबदल विरोधी कानून लागू करने, मेयर का कार्यकाल पांच वर्ष निर्धारित करने और मेयर का चुनाव सीधे जनता से करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम में राजनीतिक स्थिरता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा खरीद-फरोख्त पर रोक लग सकेगी।
लक्की ने कहा कि पिछले कई वर्षों में नगर निगम के कामकाज से शहरवासी निराश हुए हैं। भ्रष्टाचार के आरोप, पारदर्शिता की कमी, नियमों की अनदेखी और विवादित फैसलों ने चंडीगढ़ की छवि को प्रभावित किया है। हाल ही में सामने आए 227 करोड़ रुपये के टेबल एजेंडा विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस के विरोध और जनता के दबाव के बाद भाजपा को एजेंडे वापस लेने पड़े।
उन्होंने कहा कि 24×7 पानी सप्लाई परियोजना, डड्डूमाजरा गार्बेज प्लांट, कचरा प्रबंधन तथा डड्डूमाजरा और मनीमाजरा से जुड़े मुद्दे भी चिंता का विषय हैं।
लक्की ने कहा कि नगर निगम की बैठकों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिए। हर एजेंडे पर उचित चर्चा और बहस हो तथा जनता के पैसे से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता बरती जाए।
नामित पार्षदों की भूमिका पर उन्होंने कहा कि पहले विशेषज्ञता के आधार पर इंजीनियरिंग, शहरी नियोजन, चिकित्सा, प्रशासन और रक्षा सेवाओं से जुड़े लोगों को नामित किया जाता था। उन्होंने मांग की कि भविष्य में भी नामांकन राजनीतिक आधार के बजाय विशेषज्ञता और चंडीगढ़ के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर किया जाए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इन सुधारों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत, पारदर्शी और जवाबदेह नगर निगम व्यवस्था चंडीगढ़ के हित में आवश्यक है।