Summer express/यमुनानगर,परवेज खान -:हरियाणा में गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान योजना पर अब बड़ा संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा ने सरकार पर अस्पतालों के करोड़ों रुपये का भुगतान रोकने का आरोप लगाया है। आईएमए के मुताबिक प्रदेश में आयुष्मान योजना से जुड़े करीब 480 अस्पतालों का 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण अस्पतालों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आईएमए ने सरकार को अब आर-पार की चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने 31 अगस्त से 1 सितंबर तक 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर बकाया भुगतान को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 16 सितंबर से पूरे हरियाणा में आयुष्मान सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
आयुष्मान योजना के तहत जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का इलाज करने वाले अस्पताल अब भुगतान में देरी से परेशान हैं। आईएमए हरियाणा का दावा है कि प्रदेश के करीब 480 अस्पतालों को सरकार की तरफ से 1200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलनी बाकी है। अस्पताल संचालकों का कहना है कि कई मामलों में इलाज से जुड़े क्लेम पास होने के बाद भी भुगतान जारी नहीं किया गया।आईएमए हरियाणा की प्रधान डॉ. सुनीला सोनी के मुताबिक नियमों के अनुसार क्लेम का भुगतान 15 दिन के भीतर किया जाना चाहिए, लेकिन कई अस्पताल ऐसे हैं जिन्हें छह महीने से भी ज्यादा समय से भुगतान का इंतजार है। एसोसिएशन का कहना है कि लगातार बढ़ते बकाये ने अस्पतालों की वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर डाला है। आईएमए के अनुसार आर्थिक संकट के चलते एक अस्पताल को अपना संचालन तक बंद करना पड़ा है।भुगतान में देरी को लेकर आईएमए ने हरियाणा आयुष्मान के सीईओ को पत्र भेजकर जल्द से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से अस्पतालों को लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
आईएमए का कहना है कि डॉक्टरों और अस्पतालों का मकसद मरीजों को परेशान करना नहीं है, लेकिन अगर भुगतान का संकट जल्द दूर नहीं हुआ तो अस्पतालों के लिए आयुष्मान योजना के तहत इलाज जारी रखना मुश्किल हो सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी के बाद बकाया भुगतान को लेकर क्या कदम उठाती है।