Summer express, नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं। नदी के तेज बहाव में रामघाट का पुल बह गया, जबकि आसपास के घरों में करीब पांच फीट तक कीचड़ जमा हो गया। मंदाकिनी में आई बाढ़ का असर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए मध्य प्रदेश के सतना जिले में 31 अगस्त और 1 सितंबर को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम स्तर का खतरा बना हुआ है। पूर्वी और मध्य भारत के साथ उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने सोमवार को देश के 18 राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल शामिल हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान पटना समेत बिहार के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। औरंगाबाद, भभुआ, बक्सर, रोहतास, गया और नवादा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
नेपाल में आई बाढ़ के कारण बिहार के कोसी और गंडक बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। भागलपुर के सबौर में गंगा नदी के कटाव के कारण आठ घर नदी में समा गए। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के 58 जिलों में सोमवार को गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 5 सितंबर तक अधिकांश इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 31 अगस्त और 1 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। वहीं, 31 अगस्त से 5 सितंबर के बीच पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
दिल्ली में 31 अगस्त को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 सितंबर को दोपहर से शाम के बीच दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है।
मध्य प्रदेश में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सोमवार को सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर में बारिश, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में 3 सितंबर तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।