Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। नगर पालिका कर्मचारी संघ और फायर ब्रिगेड कर्मियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल 27वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से अंबाला शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। बाजारों, गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे अब दुर्गंध फैलने लगी है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल के बीच सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों की मांगों और सरकार के साथ हुए समझौते पर चर्चा की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शंकर कुमार वामा ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगों को लेकर 13 मई को सरकार के साथ समझौता हुआ था, लेकिन अभी तक उसका आधिकारिक परिपत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा समाप्त करना और अन्य कर्मचारियों की तरह सेवा संबंधी लाभ देना शामिल है।
फायर ब्रिगेड कर्मियों की मांगों का भी मुद्दा उठाया गया। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, ड्यूटी के दौरान किसी अग्निशमन कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग समझौते में शामिल थी। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार को मांगें पूरी करने के लिए कई बार समय दिया जा चुका है, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
वहीं, नगर निगम प्रशासन ने हड़ताल के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात कही है। डीएमसी दीपक सुरा ने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए करीब 450 कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनमें से लगभग 100 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ हड़ताली कर्मचारी जानबूझकर सड़कों पर कूड़ा डाल रहे हैं।
डीएमसी ने बताया कि सोमवार को करीब 48 कर्मचारियों ने नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने चेतावनी दी कि कचरा उठाने के काम में बाधा डालने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लगातार 27 दिनों से चल रही हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। अब कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत से समाधान निकलने पर ही शहर में सफाई व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।