एजेंसी। जयपुर
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में जयपुर के टिकट वितरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी में चल रहा गतिरोध आखिरकार दूर हो गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभालते हुए रविवार देर रात तक पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इसके बाद जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों के लिए प्रत्याशियों के नाम तय किए गए। नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण पार्टी के लिए यह फैसला बेहद अहम था।
मुख्यमंत्री रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय दो बार पहुंचे। वह रात करीब साढ़े आठ बजे पहली बैठक के बाद लौटे, लेकिन रात करीब 12:30 बजे दोबारा पार्टी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद बैठक का दौर सुबह करीब 4:15 बजे तक चला। बताया गया कि कई वार्डों में स्थानीय विधायकों की
पसंद और संगठन की ओर से सुझाए गए नामों में अंतर के कारण
सहमति नहीं बन पा रही थी। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद विवादित सीटों पर भी सहमति बनाने का प्रयास किया गया।
प्रत्याशियों के चयन में स्थानीय राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक फीडबैक और सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा गया। पार्टी के सामने चुनौती ऐसे नाम चुनने की थी, जिनसे चुनावी संभावना मजबूत होने के साथ स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भी संतुलन बना रहे।
सीधे फोन से सूचना
समय कम होने के कारण पार्टी ने तय किया कि प्रत्याशियों को औपचारिक सूची का इंतजार कराने के बजाय उन्हें सीधे फोन करके टिकट की जानकारी दी जाएगी। इससे नामांकन प्रक्रिया समय पर पूरी कराने में मदद मिलेगी। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों पर प्रत्याशी तय होने के बाद अब पार्टी का ध्यान नामांकन और चुनाव प्रचार पर रहेगा। राज्य में इस बार 309 नगरीय निकायों के चुनाव हो रहे हैं। मतदान सितंबर में निर्धारित है और इसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के लिए जमीनी स्तर पर जनसमर्थन की महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।