summer express ,बेंगलुरु। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना को लंबे समय से प्रतीक्षित HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप सौंपने की तैयारी में है। इन स्वदेशी विमानों के वायुसेना में शामिल होने से नए पायलटों की शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल तीन HTT-40 यानी हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 विमान डिलीवरी के लिए तैयार हैं। इनमें दो विमानों का निर्माण बेंगलुरु और एक का निर्माण नासिक स्थित HAL की उत्पादन इकाई में किया गया है। इन विमानों की आपूर्ति से भारतीय वायुसेना को पायलट प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
भारतीय वायुसेना ने नए पायलटों की ट्रेनिंग के लिए करीब तीन साल पहले 6,838 करोड़ रुपये की लागत से 70 HTT-40 विमानों का ऑर्डर दिया था। समझौते के तहत HAL को वित्त वर्ष 2025-26 में 12 विमान उपलब्ध कराने थे, लेकिन इंजन की उपलब्धता में देरी के कारण निर्धारित समय पर एक भी विमान की डिलीवरी नहीं हो सकी।
अब अमेरिकी कंपनी हनीवेल की ओर से TPE331-12B टर्बोप्रॉप इंजनों की आपूर्ति शुरू होने के बाद HTT-40 कार्यक्रम में तेजी आने की उम्मीद है। आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के बाद हनीवेल ने इंजनों की पहली खेप उपलब्ध करा दी है। कंपनी ने भविष्य में भी HAL को समय पर इंजन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
HTT-40 के लिए इंजन और संबंधित किट की आपूर्ति को लेकर करीब 100 मिलियन डॉलर का अनुबंध किया गया था। समझौते के तहत कुल 88 इंजन और किट उपलब्ध कराए जाने हैं। इनमें 16 इंजन सीधे हनीवेल की ओर से दिए जाएंगे, जबकि शेष इंजनों का निर्माण तकनीकी हस्तांतरण की व्यवस्था के तहत भारत में HAL द्वारा किया जाना है।
वायुसेना की जरूरतों को देखते हुए HAL ने अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले साल अक्टूबर में नासिक में HTT-40 बेसिक ट्रेनर और LCA-Mk1A की उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया था। क्षमता विस्तार के बाद HAL बेंगलुरु और नासिक की इकाइयों को मिलाकर हर साल करीब 20 HTT-40 विमानों का उत्पादन कर सकता है।
HTT-40 के आने से भारतीय वायुसेना के शुरुआती पायलट प्रशिक्षण ढांचे को मजबूती मिलने की संभावना है। वर्तमान में नए पायलटों की शुरुआती स्टेज-I उड़ान ट्रेनिंग स्विस कंपनी के Pilatus PC-7 MkII विमानों पर होती है। यह प्रशिक्षण सभी पायलटों के लिए समान रहता है। इसके बाद उन्हें फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलिकॉप्टर स्ट्रीम में विभाजित किया जाता है।
फाइटर स्ट्रीम के लिए चुने गए पायलट स्टेज-II प्रशिक्षण के दौरान PC-7 MkII और स्वदेशी किरण Mk-1A जेट ट्रेनर का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद स्टेज-III में उन्हें ब्रिटिश मूल के Hawk Advanced Jet Trainer विमानों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। HTT-40 के बेड़े में शामिल होने से शुरुआती प्रशिक्षण के लिए वायुसेना की स्वदेशी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।