चंडीगढ़, 14 जुलाई
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मोहाली ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 38 वर्षीय बलजीत सिंह का सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट कर एक नया मापदंड स्थापित किया है। बलजीत सिंह, जो अमलोह (पंजाब) के निवासी हैं, पिछले तीन वर्षों से क्रोनिक लिवर रोग से जूझ रहे थे।
बलजीत को वर्ष 2022 में पहली बार उल्टी में खून, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत के बाद लिवर रोग का पता चला था। स्थानीय स्तर पर इलाज कराते रहने और समय पर विशेषज्ञ देखभाल न मिल पाने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। अप्रैल 2025 में हालत गंभीर होने पर उन्हें मैक्स अस्पताल, मोहाली लाया गया, जहां जांच के बाद लिवर ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया गया।
मैक्स अस्पताल की टीम में डॉ. कप्तान सिंह (कंसल्टेंट – एचपीबी सर्जरी एवं लिवर ट्रांसप्लांट), डॉ. मनमोहन सिंह बेदी (डायरेक्टर – जीआई, एचपीबी एवं लिवर ट्रांसप्लांट), और डॉ. अतुल सचदेव (प्रिंसिपल डायरेक्टर – गैस्ट्रोएंटरोलॉजी) शामिल थे, जिन्होंने इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
शुरुआत में बलजीत की बहन डोनर बनने को तैयार थीं, लेकिन ब्लड ग्रुप मेल न खाने की वजह से वे उपयुक्त डोनर नहीं बन सकीं। इसके बाद बलजीत की पत्नी, जिनकी उम्र 35 वर्ष है, एक उपयुक्त डोनर साबित हुईं। सभी आवश्यक परीक्षणों के बाद लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, डोनर के शरीर में बचा हुआ लगभग 35% लिवर अगले 6-8 हफ्तों में पूरी तरह से पुनर्जीवित हो जाएगा। सर्जरी के बाद, मरीज और डोनर दोनों तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और बलजीत अब सामान्य जीवन में लौटने के लिए तैयार हैं।
यह ट्रांसप्लांट न केवल मेडिकल दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह लिवर रोग से पीड़ित मरीजों के लिए आशा की एक नई किरण भी लेकर आया है।