Summer express/चंबा-:आकांक्षी जिला चंबा के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन की अनुशंसा पर जिले के 25 सरकारी सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अत्याधुनिक स्मार्ट कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना पर करीब ₹2.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे।हर्ष महाजन ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) द्वारा MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत चयनित विद्यालयों में स्मार्ट कंप्यूटर क्लासरूम, आधुनिक कंप्यूटर, आवश्यक फर्नीचर तथा ई-लर्निंग से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।उन्होंने कहा कि चंबा भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिला है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी और हरदीप पुरी का जताया आभार
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चंबा के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही ₹2.50 करोड़ की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जिले की युवा पीढ़ी के भविष्य में किया गया महत्वपूर्ण निवेश है।उन्होंने कहा, “चंबा के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। हमारा प्रयास है कि पहाड़ के किसी दूरदराज क्षेत्र में पढ़ने वाला बच्चा डिजिटल शिक्षा और तकनीक के मामले में देश के किसी अन्य बच्चे से पीछे न रहे।”महाजन ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। कंप्यूटर, ई-लर्निंग और आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुंच से चंबा के विद्यार्थी नई तकनीकों और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
पांच क्षेत्रों के 25 स्कूल होंगे लाभान्वित
परियोजना के तहत चंबा जिले के पांच क्षेत्रों के 25 सरकारी विद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें चंबा के 6, चुराह के 6, भरमौर के 5, डलहौजी के 4 और भटियात के 4 विद्यालय शामिल हैं।
चंबा: GSSS करियां, चनेड़, सिल्लाघ्राट, खज्जियार, कोहलारी और कोलका।
चुराह: GSSS बैरागढ़, बोंदेरी, चांजू, जस्सौरगढ़, थल्ली और राजनगर।
भरमौर: GSSS मेहला, गुवां, होली, सुनारा और लयल्ह।
डलहौजी: GSSS ग्रांगर, मंज़ीर, सुंडला और हिमगिरी।
भटियात: GSSS तुंडी, होबार, सामोटे और रायपुर।
हर्ष महाजन ने कहा कि स्मार्ट कंप्यूटर लैब स्थापित होने से हजारों विद्यार्थियों को अपने ही विद्यालय में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।