माइनिंग के काम के पीछे कौन है ‘किंगपिन’, जिस पर करवाई करने से डरता है प्रशासन और विभाग
{दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
{प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल
गुरमीत सिंह | डेरा बस्सी
समर न्यूज
डेराबस्सी में तेज रफ्तार टिप्पर की चपेट में आने से दो युवकों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। कुछ दिन पहले तक अपने परिवारों का सहारा बनने के लिए मेहनत-मजदूरी और लकड़ी का काम करने वाले करीब 20 वर्षीय दो युवक अब अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
हादसे में दोनों की एक-एक टांग काटनी पड़ी, जिससे दोनों परिवारों के सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। 6 सितंबर की शाम डेराबस्सी पुलिस स्टेशन के पास तेज रफ्तार टिप्पर ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। टिप्पर नीचे गिरे दोनों की टांगों को कुचलता हुआ आगे निकल गया। हादसे के बाद चालक टिप्पर मौके पर छोड़कर फरार हो गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। करीब 20 वर्षीय सानीभ की टांग इतनी गंभीर रूप से घायल हो गई थी कि डॉक्टरों को इलाज के दौरान उसकी एक टांग काटनी पड़ी। दूसरे युवक नूर की भी एक टांग बचाई नहीं जा सकी। दोनों युवक अभी जिंदगी की शुरुआत ही कर रहे थे। परिवारों को उम्मीद थी कि वे मेहनत करके घर की जिम्मेदारियां संभालेंगे, लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। जिन युवाओं से परिवार को भविष्य में सहारे की उम्मीद थी, आज वे खुद इलाज और सहारे के मोहताज हो गए हैं।
इलाका निवासियों का कहना है कि हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है, लेकिन ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे, यह बड़ा सवाल है।