summer express,सोनीपत। नंदू गैंग के नाम पर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने के बाद खांडा रोड स्थित एक कार्यालय पर फायरिंग करने का मामला सामने आया है। वारदात के बाद स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पीछा करते हुए पुलिस टीम हरसाना गांव की सीमा में एनएच-334बी पर पहुंची, जहां पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में दो युवक गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को खरखौदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है। मौके से तीन देशी पिस्तौल भी बरामद की गई हैं।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-1 खरखौदा निवासी दीपक के मोबाइल पर रात करीब सवा नौ बजे एक व्यक्ति ने फोन किया। कॉल करने वाले ने खुद को नंदू गैंग से जुड़े मुकदमे में शामिल बताते हुए दीपक से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। आरोपी ने रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। साथ ही अगली कॉल में रुपये देने की जगह बताने की बात कही।
फोन आने के करीब आधे घंटे बाद दीपक के खांडा रोड स्थित कार्यालय में रहने वाले अजय ने उसे कॉल कर बताया कि कार्यालय के बाहर फायरिंग हुई है। अजय के मुताबिक, काले रंग की बजाज सिटी-100 बाइक पर दो युवक वहां पहुंचे थे। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और उस पर लाल पट्टी लगी हुई थी। दोनों युवकों ने कार्यालय पर गोलियां चलाईं और इसके बाद फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। कार्यालय के गेट और दीवार पर गोलियों के निशान मिले, जबकि मौके से एक खाली खोल भी बरामद किया गया।
फायरिंग की सूचना के बाद स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम पीछा करते हुए हरसाना गांव की सीमा में एनएच-334बी पर पहुंची। यहां दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में गांव भटाना निवासी और फिलहाल सोनीपत शहर में रहने वाला अंकित तथा गांव लहराड़ा निवासी हर्ष गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को पुलिस ने खरखौदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली तो तीन देशी पिस्तौल बरामद हुईं। पुलिस हथियारों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कार्यालय पर फायरिंग में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
पुलिस अब रंगदारी की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के पीछे कौन लोग शामिल हैं और नंदू गैंग के नाम का इस्तेमाल क्यों किया गया। पुलिस आरोपियों के संपर्कों, फायरिंग में शामिल अन्य लोगों और बिना नंबर वाली बाइक के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
एसीपी क्राइम राजपाल के अनुसार, मुठभेड़ के बाद दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से पिस्तौल बरामद हुई हैं। दोनों आरोपी घायल हैं। उनकी हालत में सुधार के बाद पूछताछ के जरिए पूरे मामले की जानकारी जुटाई जाएगी।