summer express , करनाल (राकेश कुमार शर्मा)। निसिंग क्षेत्र के गांव वीर बड़ालवा में दर्दनाक हादसे में नहर में डूबे पिता-पुत्र के शव दो दिन तक चले सर्च अभियान के बाद बरामद कर लिए गए हैं। बेटे को डूबता देखकर उसे बचाने के लिए 78 वर्षीय पिता सतनाम ने भी नहर में छलांग लगा दी थी। तेज बहाव के कारण दोनों गहरे पानी में बह गए और उनकी मौत हो गई। अब दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, गांव वीर बड़ालवा निवासी सतनाम अपने 20 वर्षीय बेटे मानुष के साथ खेत में फसल पर स्प्रे करने के लिए गए थे। खेत के पास ट्यूबवेल की सुविधा नहीं होने के कारण स्प्रे की टंकी में पानी भरने के लिए मानुष हाबड़ी ब्रांच की बस्तली नहर के पास गया था। पानी लेने के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।
मानुष को नहर में डूबता देखकर उसके साथ मौजूद व्यक्ति ने भी उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह सफल नहीं हो सका। इसी दौरान कुछ दूरी पर मौजूद मानुष के पिता सतनाम को घटना की जानकारी मिली। वह तुरंत नहर के पास पहुंचे और बेटे को बचाने के लिए बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में कूद गए।
बताया गया है कि सतनाम को तैरना नहीं आता था। इसके बावजूद बेटे को बचाने के प्रयास में उन्होंने नहर में छलांग लगा दी। तेज बहाव के कारण पिता-पुत्र दोनों पानी में बह गए और देखते ही देखते लापता हो गए।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों की तलाश शुरू की। नहर में करीब दो दिन तक लगातार सर्च अभियान चलाया गया। आखिरकार राजौंद गांव के पास नहर से दोनों के शव बरामद कर लिए गए। शव मिलने की सूचना परिवार तक पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
पुलिस जांच अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि मानुष खेत में फसल पर स्प्रे करने का काम कर रहा था। गर्मी के कारण वह पानी लेने नहर की तरफ गया था, जहां पैर फिसलने से वह पानी में गिर गया। उसे बचाने के लिए उसके पिता सतनाम भी नहर में कूद गए। अधिकारी के अनुसार, सतनाम को तैरना नहीं आता था, जिसके चलते दोनों की डूबने से मौत हो गई।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। परिजनों के मुताबिक, सतनाम और मानुष मजदूरी के साथ खेतों में फसल पर स्प्रे करने का काम करते थे। हादसे के दिन भी दोनों इसी काम के लिए खेत में गए थे। स्प्रे की टंकी में पानी भरने के दौरान हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जिस पिता ने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी, अब उसी बेटे के साथ उनकी अंतिम यात्रा भी निकलेगी। पिता-पुत्र के शव मिलने के बाद गांव में शोक का माहौल है।
लेखक: राकेश कुमार शर्मा