summer express, कुरुक्षेत्र। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले के बाद भारत से पाकिस्तान जाने वाले धार्मिक जत्थों की प्रक्रिया को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। अब धार्मिक यात्राओं के लिए निजी स्तर पर स्पॉन्सरशिप के बजाय शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से जत्थे भेजने की व्यवस्था की गई है।
HSGMC के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह के मुताबिक, ज्योति मल्होत्रा मामले के बाद निजी तौर पर स्पॉन्सर्ड पाकिस्तान यात्राओं को बंद किया गया है। पहले पाकिस्तान की निजी ट्रैवल एजेंसियां भारतीय श्रद्धालुओं, यात्रियों और कुछ मामलों में सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को स्पॉन्सरशिप लेटर उपलब्ध कराती थीं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ती थी और पाकिस्तान पहुंचने के बाद संबंधित एजेंसियां ठहरने तथा यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं करती थीं।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका रही है कि निजी संपर्कों और ऐसे नेटवर्क का दुरुपयोग संवेदनशील सूचनाएं जुटाने के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से अब धार्मिक यात्राओं की प्रक्रिया को अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।
नए प्रावधानों के तहत पाकिस्तान जाने वाले धार्मिक जत्थों के यात्रियों की जानकारी संबंधित धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से एकत्र की जाएगी। इसके बाद सुरक्षा जांच पूरी होने पर ही वीजा प्रक्रिया के लिए आवेदन आगे भेजे जाएंगे। निजी व्यक्ति या निजी टूर ऑपरेटर अपने स्तर पर धार्मिक जत्थे आयोजित नहीं कर सकेंगे।
श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर हरियाणा से करीब दो हजार श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब सहित ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह धार्मिक कार्यक्रम 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक प्रस्तावित है। यात्रा के इच्छुक श्रद्धालु 12 सितंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन स्थानीय स्तर पर या संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालय में दिए जा सकते हैं।
सभी आवेदन HSGMC, कुरुक्षेत्र के पास एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद आवेदकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा। स्थानीय पुलिस के साथ CID और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी आवेदकों की पृष्ठभूमि की जांच करेंगी। सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वीजा के लिए संबंधित फाइल गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
ज्योति मल्होत्रा मामले का भी इस बदलाव से संबंध बताया जा रहा है। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि उसके पाकिस्तान में कुछ लोगों से संपर्क थे और उसने संवेदनशील स्थानों से संबंधित सामग्री वहां मौजूद संपर्कों तक पहुंचाई थी। मामले की जांच के दौरान HSGMC के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह से भी पूछताछ की गई थी।
जांच एजेंसियों ने हरकीरत सिंह के मोबाइल फोन भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में उनके संपर्कों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला गया।
पुलिस के अनुसार, ज्योति मल्होत्रा के मोबाइल से पाकिस्तानी अधिकारियों और कथित एजेंटों से संपर्क के सुराग मिले थे। करीब 90 दिन की जांच के बाद मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई थी। जांच के दौरान उसकी 2024 में पाकिस्तान यात्रा और इसके बाद चीन जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पाकिस्तान यात्रा के दौरान उसके द्वारा पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज का इंटरव्यू किए जाने की बात भी जांच का हिस्सा रही।
अब सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान जाने वाले धार्मिक यात्रियों की पृष्ठभूमि की जांच पर विशेष जोर दे रही हैं। नए प्रबंधों का उद्देश्य धार्मिक यात्राओं को अधिक व्यवस्थित करने के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी संभावित जोखिमों को कम करना बताया जा रहा है।