Summer express/नूरपुर, संजीव-:पुलिस जिला नूरपुर ने नशे के कारोबार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को अब नशा तस्करों की अवैध कमाई और संपत्ति तक पहुंचा दिया है। डमटाल में चरस बरामदगी के एक मामले में आरोपी की करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति की वित्तीय जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने 3 करोड़ 32 लाख 30 हजार 941 रुपये की संपत्ति की जब्ती की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
29 दिसंबर 2025 को पुलिस थाना डमटाल में NDPS Act की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने छन्नी, इंदौरा निवासी बलविंदर उर्फ बिल्ला को 1 किलो 852 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच को केवल नशे की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आरोपी की चल-अचल संपत्तियों और आय के स्रोतों की वित्तीय जांच भी शुरू की।वित्तीय जांच के दौरान आरोपी की संपत्तियों, होटल-कम-रेस्तरां, दुकानों, मोटर वाहनों और बैंक खातों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में करीब 3.32 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हित हुई। नियमानुसार इस संपत्ति को फ्रीज कर रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेजी गई।इसके बाद सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली ने आदेश संख्या NDPSA/FO/1098/DEL/2026, दिनांक 9 सितंबर 2026 के तहत 3 करोड़ 32 लाख 30 हजार 941 रुपये मूल्य की संपत्ति की जब्ती की पुष्टि की।
नूरपुर पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 तक नशे के अवैध कारोबार से जुड़े कुल 17 मामलों में आरोपियों की 29 करोड़ 95 लाख 92 हजार 857 रुपये की संपत्ति जब्त करवाई जा चुकी है। वहीं, कुछ अन्य मामले सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली के समक्ष विचाराधीन हैं।पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।नूरपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि नशे के खिलाफ लड़ाई अब सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी और नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है। पुलिस की नजर नशे के कारोबार से अर्जित करोड़ों की अवैध संपत्ति पर भी है।