समर न्यूज | मोहाली
पंजाब के युवाओं के हुनर और नए विचारों को रोजगार और कारोबार में बदलने के लिए राज्य सरकार अवसरों का मजबूत तंत्र तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को मोहाली स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) में आयोजित आईएसबी लीडरशिप समिट-2026 में कहा कि युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही मंच, वित्तीय मदद और संस्थागत सहयोग देने की है। उन्होंने कहा कि सरकार स्टार्टअप सेंटर, ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ और स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों के नए विचारों को पेटेंट कराने जैसी पहलों के जरिए युवाओं को अपने सपनों को हकीकत में बदलने का अवसर दे रही है। साथ ही, पंजाब को उद्योग, निवेश और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को राज्य में अधिक से अधिक निवेश का न्योता दिया।
{खेती के साथ उद्योग भी जरूरी: मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपनी कृषि पहचान पर हमेशा गर्व करता रहेगा, लेकिन रोजगार के नए अवसर पैदा करने, निवेश बढ़ाने और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए औद्योगिकीकरण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्योग को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने पर काम कर रही है।
{पंजाब बनेगा निवेश और नवाचार का केंद्र: मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहाली में आईएसबी की मौजूदगी पंजाब के लिए गौरव की बात है। संस्थान राज्य में ज्ञान, शोध, प्रतिभा, उद्यमिता और निवेश का वातावरण मजबूत करने में योगदान दे रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईएसबी के पूर्व छात्र भी पंजाब के आर्थिक विकास में निवेश, युवा उद्यमियों के मार्गदर्शन और रोजगार सृजन के जरिए योगदान देंगे।
{युवाओं को पंजाब में ही अवसर देने का लक्ष्य: मान ने कहा कि पंजाब को स्टार्टअप, तकनीक आधारित कारोबार और नई पीढ़ी के उद्योगों का केंद्र बनाने की क्षमता है। सरकार का लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां युवाओं को अवसरों की तलाश में राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से पंजाब में अधिक से अधिक निवेश करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल किसी पद पर बैठने का नाम नहीं, बल्कि पहल करने, लोगों को साथ जोड़ने, समस्याओं का समाधान खोजने और दूसरों के लिए अवसर पैदा करने की क्षमता है। उन्होंने आईएसबी के विद्यार्थियों से चुनौतियों से सीखने और नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
{स्टार्टअप से लेकर पेटेंट तक पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं के नए विचारों को हकीकत में बदलने के लिए स्टार्टअप सेंटर स्थापित किया है। स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों के नए और उपयोगी विचारों को आगे बढ़ाते हुए उनके पेटेंट कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। वहीं, ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अपने कारोबारी विचारों को विकसित करने के लिए सीड मनी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य छात्रों में कम उम्र से ही उद्यमिता की सोच विकसित करना है। मान ने कहा कि उद्यमिता को केवल रोजगार के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह रोजगार पैदा करने और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम भी बन सकती है।