Summer express/राहुल चावला,धर्मशाला-:पूर्व सैनिकों ने दिवंगत मेजर विजय सिंह मनकोटिया को राजकीय सम्मान न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि मनकोटिया न केवल सेना में सेवाएं दे चुके थे, बल्कि हिमाचल प्रदेश में पांच बार विधायक और दो बार मंत्री भी रहे। पूर्व सैनिक संगठनों ने इस मामले को लेकर ADC कांगड़ा के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और उचित कार्रवाई की मांग की।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का सेना में योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 1/1 गोरखा राइफल्स से जुड़े ऑनरेरी कैप्टन (एक्स) विजय सिंह गुरुंग ने कहा कि मेजर मनकोटिया इसी यूनिट का हिस्सा रहे थे और मेजर रैंक तक सेवाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान यूनिट को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि मेजर मनकोटिया को वह सम्मान दिया जाए जिसके वे हकदार थे।पूर्व सैनिक संजीव धीमान ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया हिमाचल के बड़े और स्पष्टवादी नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पूर्व सैनिकों में भी रोष है। उन्होंने मांग की कि यदि इस मामले में किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा द्वारा भी राजकीय सम्मान को लेकर उठाई गई आवाज का समर्थन किया।वहीं, पूर्व सैनिकों की ओर से कहा गया कि सेना ने मेजर मनकोटिया की सैन्य सेवा से जुड़े सभी दायित्व पूरे किए, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान नहीं दिया गया। पूर्व सैनिकों ने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से कोई विधायक या मंत्री मौके पर नहीं पहुंचा।
पूर्व सैनिकों ने ADC के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों को एकत्रित कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी मांग नहीं मानी गई तो पूर्व सैनिकों ने भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही है।पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मेजर विजय सिंह मनकोटिया की सेवाओं और योगदान के अनुरूप सम्मान सुनिश्चित करवाना है।