हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने द समर न्यूज से खास बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की विपक्षी मांग, हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर उठाए जा रहे सवालों, राज्य सरकार के रोजगार संबंधी दावों और युवाओं के लिए औद्योगिक अवसरों सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर विपक्ष की मांग के बीच चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विवाद पर देश में राजनीतिक बहस जारी है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं को कानूनी नियमों के अनुरूप बताया है।
हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी
{कहा- सरकार ने बिना पर्ची-खर्ची के भर्तियों पर जोर दिया
शगुन कश्यप। चंडीगढ़
समर न्यूज
हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा से बातचीत के प्रमुख अंश:-
सवाल: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और हरियाणा चुनाव को लेकर राहुल गांधी सहित विपक्ष के आरोपों पर आपका क्या कहना है?
जवाब: कांग्रेस आज विपक्ष में है व उसके पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं। कांग्रेस एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक चर्चा में बने रहने की कोशिश कर रही है। विपक्ष को विधानसभा और संसद में अपने मुद्दे रखने चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है, लेकिन लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित संस्थाओं और प्रक्रियाओं की जांच और तथ्य सामने आना भी जरूरी है।
सवाल: आप कांग्रेस की मौजूदा स्थिति को किस तरह देखते हैं?
जवाब: कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं के गुटबाजी हावी है। हरियाणा में कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं के समर्थक समूह हैं और कई बार एक नेता के बयान का दूसरा नेता विरोध करता दिखाई देता है। इससे साफ जाहिर होता है पार्टी के भीतर समन्वय की कमी है।
सवाल: आपकी सरकार अपने कामकाज को किस आधार पर जनता के सामने रख रही है?
जवाब: हरियाणा की भाजपा सरकार चुनाव के दौरान किए गए वादों को लागू करने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही घोषणाओं पर काम शुरू किया। अनुसूचित जाति के लिए अलग आरक्षण व्यवस्था और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है । हरियाणा सरकार का आधिकारिक रिकॉर्ड भी भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और पारदर्शिता पर जोर तथा दो लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दिए जाने के बारे में तथ्यों सहित जानकारी दे रहा है।
सवाल: रोजगार को लेकर विपक्ष सवाल उठाता है। सरकार की ओर से क्या जवाब है?
जवाब: भाजपा सरकार बनने के बाद दो लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की सिफारिश या आर्थिक लेन-देन की बजाय मेरिट को आधार बनाया गया। पारदर्शी भर्ती से योग्य उम्मीदवारों को सरकारी रोजगार दिया जा रहा है। पिछले करीब डेढ़ वर्ष में लगभग 43 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
सवाल: भाजपा नेत्री किरण चौधरी से जुड़े वायरल वीडियो में नौकरी की सिफारिश को लेकर सवाल उठे। इसे आप कैसे देखते हैं?
जवाब: सरकार की नीति का आधार मेरिट है। ऐसे युवाओं को भी सरकारी नौकरी मिली है जिनका किसी राजनीतिक व्यक्ति से संपर्क नहीं था। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है।
सरकारी नौकरी सभी युवाओं को देना संभव नहीं है। इसलिए सरकार औद्योगिक निवेश और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
सवाल: निजी क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए क्या योजना है?
जवाब: नए औद्योगिक क्षेत्रों और औद्योगिक इकाइयां रोजगार का माध्यम हैं। सरकार का लक्ष्य नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना है, जिससे नई इकाइयां स्थापित हों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। हिसार में एयरपोर्ट के पास लगभग 3,000 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजना के लिए एचएसआईआईडीसी का विकास संबंधी टेंडर हो चुका है। मौजूदा औद्योगिक नीति में निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने के लक्ष्य रखे गए हैं। हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 के तहत 55,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने व पांच लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य लेकर सरकार काम कर रही है।
सवाल: युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए सरकार किस तरह मदद कर रही है?
जवाब: युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र को राज्य में मजबूत करने के लिए काम जारी है। सरकार स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। यदि कोई युवा अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करता है तो वह स्वयं के साथ दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार पैदा कर सकता है।
सवाल: लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर सरकार की क्या स्थिति है?
जवाब: लाडो लक्ष्मी योजना के तहत सरकार ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की दिशा में काम शुरू किया है। योजना का दायरा बढ़ाया गया है और पात्र महिलाओं को इसका लाभ दिया जा रहा है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पहले 5,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया था। बाद में चालू वित्त वर्ष में इसका बजट प्रावधान 6,500 करोड़ रुपये किया गया। सितंबर 2026 में योजना के लिए पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा एक लाख से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये करने की घोषणा की है।
सवाल: रोजगार और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की आगे की दिशा क्या होगी?
जवाब: सरकारी नौकरियों की अपनी सीमा है, इसलिए युवाओं के लिए निजी उद्योग, एमएसएमई व नए निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। नई औद्योगिक इकाइयों के आने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कोशिश है कि विभिन्न विभागों से जुड़े काम ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से पूरे हों।
सवाल: चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार का संदेश क्या है?
जवाब: विपक्ष के आरोप तथ्यहीन हैं व राजनीतिक ब्यानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। सरकार अपने काम और योजनाओं के आधार पर जनता के बीच जा रही है।
रोजगार, उद्योग और कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में सरकार ने जो लक्ष्य तय किए हैं, उन पर काम जारी है। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद में विपक्ष की मांगों और चुनाव आयोग के पक्ष के बीच मतभेद सार्वजनिक हैं। इस मुद्दे पर आगे की स्थिति न्यायिक और संस्थागत प्रक्रियाओं के माध्यम से स्पष्ट होगी।